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Sunday, 28 May 2017

हे बाँके बिहारी गिरधारी,


बोल बांके बिहारी लाल की जय
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हे बाँके बिहारी गिरधारी,
हो प्यार तुम्हारे चरणोँ मेँ।
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नटवर मधुसूदन बनवारी,
हो प्यार तुम्हारे चरणोँ मेँ।
हे बाँके बिहारी.....
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मैँ जग से ऊब चुका मोहन,
सब जग को परख चुका मोहन।
अब शरण तिहारी गिरधारी,
हो प्यार तुम्हारे चरणोँ मेँ।
हे बाँके बिहारी.....
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भाई, सुत, दारौँ, कुटुम्बीजन,
मैँ, मेरे के सिगरे बन्धन।
सब स्वार्थ के हैँ संसारी,
हो प्यार तुम्हारे चरणोँ मेँ।
हे बाँके बिहारी.....
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पापी, आजापी, नर-नारी,
इन चरणोँ से जिनकी यारी।
उनके हरि हो तुम भयहारी,
हो प्यार तुम्हारे चरणोँ मेँ।
हे बाँके बिहारी.....
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मैँ सुख मेँ रहुँ, चाहे दुख मेँ रहुँ,
काँटोँ मेँ रहुँ, फूलोँ मेँ रहुँ।
वन मेँ, घर मेँ, जहाँ भी रहुँ,
हो प्यार तुम्हारे चरणोँ मेँ।
हे बाँके बिहारी.....