कविता दोहे पद
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Saturday, 10 October 2015
मस्ती में रहकर मस्ताने हो गये
मस्ती में रहकर मस्ताने हो गये, ,,,,
श्याम तेरे नाम के दिवाने हो गए, ,,
तेरे बिना कुछ भी भाता नहीं'
तेरे सिवा कुछ याद आता नहीं,
हम हैं तुम्हारे तुम हमारे हो गये,
श्याम तेरे नाम के दिवाने हो गए
जय श्री राधाश्यामसुंदर
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