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Friday, 12 February 2016

कन्हैया तेरा रंग काला...क्यूँ लागे फिर भी तू प्यारा...



ओ काली कमली वाले ओ तिरछी नजरो वाले
लट तेरे घुँघराले भी काले काले
नजर का टीका भी काला क्यूँ लागे फिर भी तू प्यारा
कन्हैया तेरा रंग काल...क्यूँ लागे फिर भी तू प्यारा...

अधरों पे तेरे लाली कानो में कुण्डल बाली
सुरत है तेरी प्यारी काली हुई तो क्या
तेरी मुस्कान पे प्यारा हुआ कुरबान जग सारा
कन्हैया तेरा रंग काल...क्यूँ लागे फिर भी तू प्यारा...

मेरा रंग भी है काला तुम्हारे जैसा कान्हा
क्यूँ फिर भी नहीं प्यारा मैं ज़माने को बता
मुझे लगता है तुम करते हो भक्तो पे जादु~टोना
कन्हैया तेरा रंग काल...क्यूँ लागे फिर भी तू प्यारा...

ओ निली छतरी वाले ओ राजा कटरा वाले
क्यूँ दिल पे डोरे डाले अनोखे बता
हमारे दिल दिवाने को यूँ तड़पाना नहीं अच्छा
कन्हैया तेरा रंग काल...क्यूँ लागे फिर भी तू प्यारा...

कन्हैया तेरा रंग काल...क्यूँ लागे फिर भी तू प्यारा...