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Wednesday, 21 June 2017

कस्मे वादे प्यार वफ़ा सब

तर्ज़:कस्मे वादे प्यार वफ़ा सब

सेठ कहे तुझे सेठ साँवरा,दीन कहे तुझे दीनानाथ
तुम्हीं बताओ सेठ साँवरा,हो या तुम दीनों के नाथ ||

सेठ भरे तेरी हाजरी,करते हैं तेरा मनुवार ..
दीन करे तेरी चाकरी,आते दर पर ले परिवार
एक भरोसा तेरा मुझको,लाज मेरी है तेरे हाथ ||1||

मैं जो तुझे बुलाना चाहूँ,घर आँगन में मेरे श्याम ...
सोच-सोच कर मैं शरमाऊं,कहाँ बिठाऊंगा तुझे श्याम
नहीं बिछाने को है चादर, नहीं है सर पर मेरे छात ||2||

सुदामा के तन्दुल भाये,झूठे बैर शबरी के खाये .........
दुर्योधन का महल त्याग कर,विदुराईन के घर तुम आये
कब आओगे घर तुम मेरे,'टीकम' से तुम करने बात ||3||

जै श्री राधे कृष्ण
श्री कृष्णायसमर्पणं